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'नेताजी के मामले में पीएम को जापानी प्रधानमंत्री से बात करनी चाहिए'

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नेताजी के परिजन और तृणमूल कांग्रेस पार्टी से सांसद सौगत बसु ने श्निवार को कहा कि नेताजी के रहस्यमय तरीके से गायब होने के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे से बात करनी चाहिए।
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मोदी के पिछले साल की जापान यात्रा के बारे में उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि नेताजी के मामले में मोदी ने कुछ किया है या नहीं। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अबे से नेताजी की रहस्यमय गुमशुदगी के बारे में कोई बात की होगी। उन्होंने रेंकोजी टेंपल जाकर अपना आदर भी प्रकट नहीं किया... लेकिन दूसरे प्रधानमंत्री जैसे जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी बाजपेयी यहां जाकर अपना आदर प्रकट कर चुके हैं।’

उन्होंने कहा कि जापानियों ने नेताजी से जुड़ी सूचनाएं हमारे साथ साझा की हैं लेकिन मेरा मानना है कि मोदी को इस संदर्भ में टोक्यो, दिल्ली या वाराणसी में बातचीत करनी चाहिए थी। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अबे के साथ इस बारे में चर्चा की होगी। उन्होंने कहा कि जापान से ही सबसे पहले इस बात की जानकारी मिली थी कि अगस्त 1945 में क्या हुआ था।
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मोदी रूस भी गए लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि रूसी राष्ट्रपति से नेताजी के संदर्भ में कोई चर्चा की या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने  रूसियों से इस बारे में संपर्क किया था। उन्होंने मांग की कि राव से हुई बातचीत का नतीजा भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
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फाइलें पहले ही सार्वजनिक कर दी गई होतीं तो बेहतर होता

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिजनों ने केंद्र सरकार की ओर से नेताजी से जुड़ी सौ गोपनीय फाइलों को जारी करने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे नेताजी से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आएंगे।

नेताजी के भतीजे शिशिर कुमार बोस की पत्नी कृष्णा बोस ने हालांकि कहा कि अगर ये फाइलें पहले ही सार्वजनिक कर दी गई होतीं, तो बोस की मौत को लेकर इतने कयास नहीं लगाए जाते।

नेताजी की भतीजी चित्रा बोस ने भी इस पर खुशी जताते हुए कहा कि इन फाइलों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने की जरूरत है।
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