दारुल उलूम ने इस वर्ष ईद-उल-अजहा पर गाय की कुर्बानी के संबंध में किसी भी तरह की अपील या फतवा जारी करने से साफ इंकार किया है। इदारे के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने कहा कि पूर्व में जारी अपील को कुछ सांप्रदायिक लोगों ने फतवे का रुप देकर उसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया। जिस कारण उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।
शनिवार को जारी बयान में मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने कहा कि दारुल उलूम ने इस वर्ष ईद-उल-अजहा के मौके पर गाय की कुर्बानी के संबंध में मीडिया में किसी भी तरह का बयान या अपील जारी न करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में दारुल उलूम गाय की कुर्बानी के संबंध में जो अपील करता रहा है, वह केवल इसलिए थी कि सरकार ने बहुत से स्थानों पर गाय और उसकी नस्ल की कुर्बानी पर रोक लगा रखी थी। ऐसे स्थानों पर वहां के कानून का लिहाज और सम्मान रखने के लिए इदारे ने गाय की कुर्बानी न करने की सिर्फ अपील की थी।