भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आज एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। इसरो ने सात उपग्रहों के प्रक्षेपण की तैयारियां पूरी कर ली हैं। आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज शाम 5 बजकर 56 मिनट पर पोलर सेटेलाइट लांच वैकिल-सी20 (पीएसएलवी-सी20) से सात उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित कर दिया जाएगा।
इसरो प्रवक्ता ने बताया कि पीएसएलवी से प्रक्षेपित किए जाने वाले अभियान की उल्टी गिनती शनिवार को शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि अभियान की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राकेट और सेटेलाइट सिस्टम का परीक्षण पूरा हो चुका है। सभी सात उपग्रहों का कुल वजन 700 किलोग्राम है।
पीएसएलवी से प्रक्षेपित किए जाने वाले सात उपग्रहों में भारत और फ्रांस के संयुक्त सहयोग से तैयार किया एक उपग्रह 'सरल' भी शामिल है। अन्य छह उपग्रहों में से दो छोटे उपग्रह कनाडा के, दो आस्ट्रिया के, एक डेनमार्क का और एक ब्रिटेन का है।
भारत और फ्रांस के के सहयोग से निर्मित 'सरल' उपग्रह के माध्यम से समुद्र विज्ञान का अध्ययन किया जाएगा। इससे प्राप्त आंकडों का फ्रांस और भारत साझा तौर पर अध्ययन करेंगे। पीएसएलवी से प्रक्षेपित किया जाने वाला ब्रिटेन का उपग्रह स्ट्रैंड-1 विश्व का पहला स्मार्टफोन उपग्रह होगा। यह उपग्रह गूगल नेक्सस वन एंड्रायड स्मार्ट फोन से लैस है।
प्रवक्ता के मुताबिक गत वर्ष ही अपना 100वां मिशन सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इसरो का पीएसएलवी-सी20 अभियान 23वां पीएसएलवी अभियान होगा। गौरतलब है कि 28 अप्रैल 2008 को इसरो के पीएसएलवी-सी9 अभियान के तहत दस छोटे उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था जो एक विश्व रिकार्ड है।