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ये किसको मिठाई खिला रहे हैं प्रधानमंत्री?

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देवकरण के लिए बुधवार का दिन रूटीन जैसा नहीं था। वे पिछले 35 सालों से प्रधानमंत्री कार्यालय में दफ्तरी के पद काम कर रहे हैं। उन्होंने कई प्रधानमंत्रियों का आते और जाते देखा, शायद ही कभी किसी प्रधानमंत्री की निगाह उन पर पड़ी हो।
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लेकिन चंद दिनों पहले आई एक फोनकॉल ने उन्हें रातोंरात मामूली कर्मचारी से वीआईपी बना दिया। दरअसल ये फोनकॉल प्रधानमंत्री कार्यालय से आई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने देवकरण और आईएएस परीक्षा में सफल रहे उनके बेटे राजेश कुमार को मिलने के लिए बुलाया था। बुधवार को दोनों की मोदी से मुलाकात हुई थी।

राजेश कुमार को प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देवकरण और उनके बेटे राजेश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने राजेश कुमार को सिविल सर्विस परीक्षा पास करने पर बधाई दी।

मोदी ने राजेश कुमार की तारीफ की और इसे गर्व करने वाली उपलब्धि बताया। मुलाकात के बाद पीएमओ ने एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें नरेंद्र मोदी राजेश को मिठाई खिला रहे हैं।

राजेश कुमार से मिलने के बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘पीएमओ के स्टाफ के सदस्य के बेटे राजेश कुमार को सिविल सर्विस परीक्षा पास करने पर ढेरों बधाई।’

पिता और पुत्र की खु‌शी का‌ ठिकाना ना था

प्रधानमंत्री कार्यालय में दफ्तरी पद पर तैनात देवकरण के बेटे राजेश कुमार पिछले दिनों सिविल सेवा परीक्षा में सफल रहे। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 587 रैंक प्राप्त की। सिविल सेवा में चयन होने के बाद देवकरण और राजेश को बधाई देने वालों का तांता लग गया।

बधाइयों के सिलसिले के बीच ही उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया। उन्हें बताया गया कि खुद प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी उन्हें बधाई देने की इच्छा प्रकट की है।

उन्होंने दोनो को मुलाकात के लिए बुलाया है। फोनकॉल के बाद पिता और पुत्र की खु‌शी का‌ ठिकाना ना था।
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मोदी ने राजेश से पूछी भाविष्य की योजनाएं

राजेश ने बताया,' मेरे पिता प्रधानमंत्री कार्यालय में 35 सालों से काम कर रहे हैं। पहली बार उन्हें अपने कार्यालय से निमंत्रण भेजा गया था। वे बहुत नर्वस थे लेकिन उनके चेहरे से गर्व झलक रहा था।'

संक्षिप्त मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी ने राजेश से भाविष्य की योजनाओं के बारे मे पूछा। राजेश ने कहा कि मेरे पिता ‌ही मेरा प्रेरणा हैं। अपने माता-पिता की पांच संतानों में से एक राजेश ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी।

राजेश ने बताया उनकी सफलता में बहन की भूमिका अहम रही। वह बहुत ज्यादा नहीं पढ़ पाई और उनकी शादी हो गई। लेकिन उन्होंने राजेश को पढ़ने के लिए हमेशा ही प्रेरित किया।
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