कांठ में भले ही अनजाने में लेकिन एसएसपी धर्मवीर सिंह ने डिप्टी कलेक्टर की पिटाई करके अफसरों को ‘धर्मसंकट’ में डाल दिया है। क्या कहें। कप्तान की गलती बताएं या फिर गलतफहमी। एक तरफ उनका साथी डिप्टी कलेक्टर विजयपाल है तो दूसरी तरफ जिले का एसएसपी।
नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि क्या सॉरी बोलकर बात खत्म हो सकती है। अगर जिले का एसएसपी प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं पहचानता तो यह तो और भी गलत है।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने डिप्टी कलेक्टर विजयपाल सिंह को कांठ में उस वक्त पीटा था जब भाजपा के कुछ लोग महापंचायत स्थल में घुसने की कोशिश कर रहे थे। डिप्टी कलेक्टर ने तत्काल भाजपा नेताओं को पकड़ा और थाने ले जाने लगे।