अपने पांच दिन के दौरे पर जापान गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जापान के उद्योगपतियों को संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी उद्यमियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री ने जापान के उद्यमियों को न सिर्फ भारत में बिजनेस की आपार संभावनाओं को बताया बल्कि देश में बिजनेस के लिए जरूरी माहौल देने का वादा किया।
मोदी ने जापान के ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और निकेई को संबोधित करते हुए कहा कि हम उद्योगपतियों को जापान की तरह गवर्नेंस, प्रर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षित माहौल देगे जिससे कि जापान के लोग भारत में भी अपनापन महसूस करेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों के अनुभव से मैं कह सकता हूं कि जापान और भारत कई क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
'भारत अब रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट है'
प्रधानमंत्री ने जापान में वहां के उद्योगपतियों से कहा कि बिजनेस के लिए कुछ उदार नीतियों की जरूरत होती है जो भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब बिजनेस के लिए रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट है।
मोदी ने इस दौरान अपने 100 दिन के शासन में लिए निर्णयों का इशारा करते हुए कहा कि देश के माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए हमने पिछले कुछ दिनों में कई निर्णय लिए हैं जिनके असर अब दिखाई देने लगे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जापान को कहीं और देखने की जरूरत नहीं है क्योंकि जापान के लोगों के लिए इनवेस्टमेंट के लिहाज से भारत से अच्छी जगह नहीं है।
साथ ही उन्होंने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो गुजरात में जापान के गर्वनेंस मॉडल लागू किया था और अब पूरे देश में गुजरात जैसा माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।
'भारत में हैं तीन विशेषताएं'
मोदी ने कहा कि बिजनेस के लिहाज से भारत तीन विशेषताओं वाला देश्ा है जों कहीं और नहीं हैं। भारत ही एक ऐसा देश है जहां लोकतंत्र, डिमांड और सबसे ज्यादा युवा लोग हैं। यहां 65 प्रतिशत आबादी 35 की उम्र से कम है।
जिस प्रकार भारत के पास पूर्व की ओर देखो की नीति है उसी प्रकार जापान को भी भारत की ओर देखो की नीति अपनानी चाहिए। क्योंकि जापान के लिए भारत जैसा संभावनाओं वाला देश कहीं नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हमारे जीडीपी की ग्रोथ रेट बताती है कि हम बिजनेस के लिए परिणाम देने वाले निर्णय लेने में सफल हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा देना चाहते हैं।
'भारत आपके स्वागत के लिए तैयार है, इकोनॉमिक सेक्टर में जापान और भारत एक नया इतिहास लिखने की क्षमता रखते हैं।'