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क्या सपा में शामिल हो सकते हैं एनडी तिवारी?

Tue, 30 Oct 2012 11:31 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
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सपा विधायक शारदा प्रसाद शुक्ल की देहरादून में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी से मुलाकात और उसके ठीक एक दिन बाद तिवारी के भांजे भवानी दत्त भट्ट की सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से की गई भेंट ने उत्तराखंड से लेकर यूपी तक सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है मुलायम का एनडी तिवारी से बढ़ते संपर्क का मकसद लोकसभा चुनाव में यूपी और उत्तराखंड के ब्राह्मण वोटबैंक को अपने पक्ष में करना हो सकता है।
   
सूत्र बताते हैं कि सपा की ओर से इस वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को साधने की पहल काफी पहले शुरू हो गई थी। इसका सार्वजनिक संकेत 18 अक्टूबर को मुलायम सिंह यादव ने तिवारी की धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला तिवारी स्मारक श्री महाकाली इंटर कालेज की स्मारिका ‘नारायण दीप’ का विमोचन करते हुए किया था।
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उन्होंने उस कार्यक्रम में तिवारी को पुराना समाजवादी बताया था और लखनऊ में आकर रहने का आमंत्रण दिया था। बताया जाता है कि इसके बाद सपा के कई नेताओं ने तिवारी से अलग-अलग मुलाकात की। तिवारी की ओर से इस पहल को सकारात्मक लेने के बाद सपा ने इस पहल को और गति देने का फैसला किया और यह रणनीति कारगर रही।

रविवार को सरोजनीनगर के विधायक शारदा प्रसाद शुक्ल की तिवारी से मुलाकात के तत्काल बाद तिवारी ने अपने भांजे और ओएसडी भवानी दत्त भट्ट को मुलायम सिंह यादव से मुलाकात के लिए भेजा। सोमवार को भट्ट ने तिवारी की ओर से मुलायम सिंह के प्रति आभार जताया तो मुलायम सिंह ने एक बार फिर तिवारी के समाजवादी विचारधारा के प्रति योगदान की सराहना की।

ब्राह्मण वोटबैंक पर नजर
दोनों ही नेताओं के इन नुमाइंदों की मुलाकात के बीच सियासी हलकों में यह चर्चा तेजी से उभरी है कि सपा तिवारी को अपने साथ जोड़ने में सफल होती है तो पार्टी को न सिर्फ उत्तराखंड में बल्कि यूपी में ब्राह्मण वोटबैंक में मजबूती मिल सकती है। हालांकि सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि तिवारी और नेताजी के बीच व्यक्तिगत तौर पर बहुत घनिष्ठ संबंध हैं। विधायक शुक्ल की तिवारी से और भट्ट की नेताजी से यह शिष्टाचार मुलाकात है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।

'तिवारी जी पुराने लोकतांत्रिक समाजवादी'
कांग्रेस के दिग्गज नेता और यूपी व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के भांजे भवानी दत्त भट्ट ने मुलायम सिंह यादव से मिलने के बाद सपा से भावी संबंधों को लेकर किए गए सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। भट्ट ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि कांग्रेस में आने से पहले तिवारी समाजवादी विचारधारा से जुड़े थे। 1950 में लोहिया के साथ वह थे। तिवारी जी प्रजातांत्रिक समाजवाद के पोषक हैं और वह हमेशा मानते हैं कि मुलायम सिंह इकलौते नेता हैं जो समाजवादी मिशन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

मुलाकातों का दौर
सपा विधायक शारदा प्रसाद शुक्ल से मुलाकात के दूसरे दिन जिस समय तिवारी के दूत के रूप में भवानी दत्त भट्ट मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर रहे थे, ठीक उसी समय प्रदेश के योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीनचंद्र वाजपेयी उत्तराखंड में नारायण दत्त तिवारी से मुलाकात कर रहे थे। भट्ट ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए बताया कि वाजपेयी योजना आयोग की नीतियां तय करने में तिवारी का मार्गदर्शन लेने गए थे।

तिवारी भी यूपी के लोगों की खुशहाली के लिए बनाई जा रही योजनाओं में सलाह मांगे जाने से खुश हैं। उन्होंने एक बात और जोड़ी। कहा कि एक उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार है जो तिवारी को नजरंदाज कर रही है जबकि यूपी सरकार ने यह पहलकर बड़े दिल का काम किया है। हालांकि रिटायर्ड नौकरशाह वाजपेयी की तिवारी से मुलाकात के दूसरे अर्थ भी लगाए जा रहे हैं।

आज सीएम से मुलाकात करेंगे भट्ट
सोमवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मुलाकात के बाद भवानी दत्त भट्ट मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सीएम के साथ उनकी यह शिष्टाचार मुलाकात होगी। वे मुख्यमंत्री को भी तिवारी का संदेश सुनाएंगे।
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