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देवी के दर्शन नहीं मिले तो धूं धूं जलने लगा साधु

Tue, 30 Oct 2012 10:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मां काली के दर्शन न होने पर कुराली गांव स्थित आश्रम में एक साधु ने अग्नि समाधि ले ली। अब कुछ लोग इसे अंधविश्वास कह रहे हैं, कुछ आस्था तो कुछ हठ, लेकिन ग्रामीण अब समाधि स्थल पर पक्की समाधि बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं ग्राम प्रधान के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने मामले को जीडी में दर्ज कर लिया है।  
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पिथौरागढ़, उत्तराखंड निवासी मदन आनंद जोगी (65) पिछले दो साल से गांव कुराली स्थित झुंडे वाले मंदिर में आश्रम बनाकर रह रहा था। शांत स्वभाव का यह साधु गत सात दिनों से झोपड़ी में ही मां काली की तपस्या कर रहा था। ग्राम प्रधान दुष्यंत के अनुसार साधु ने इस बीच ग्रामीणों से कई बार कहा था कि अगर मां काली ने दर्शन नहीं दिए तो वह अग्नि समाधि ले लेगा। हालांकि साधु की इस बात को लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया।

इस बीच सोमवार तड़के लगभग चाढ़े चार बजे पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे एक दर्जन युवक दौड़ लगाते हुए आश्रम के पास से गुजरे तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। साधु आग की लपटों के बीच आसन की मुद्रा में बैठा था। यह सूचना गांव पहुंची तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सैकड़ों ग्रामीण आश्रम पहुंचे और लपटों के बीच से साधु को निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस पर ग्रामीणों ने अग्नि समाधि ले चुके साधु पर देशी घी और सामग्री डालनी शुरू कर दी। जानकारी मिलने पर जानी पुलिस भी पहुंची, लेकिन तब तक साधु का शरीर पूरी तरह से जल चुका था। ग्राम प्रधान दुष्यंत की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने मामले को जीडी में दर्ज कर लिया है। ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्रामीणों की मदद से अग्नि समाधि की जगह साधु की पक्की समाधि बनवाई जाएगी।
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