कोयला घोटाले से लेकर टूजी घोटाले की जेपीसी रिपोर्ट पर सपा यूपीए सरकार के पसीने छुड़ाने की तैयारी में है।
सपा ने कोयला घोटाले पर अपने तेवर साफ करते हुए कहा है कि यूपीए सरकार को जनता के सामने सच लाना चाहिए कि क्या सचमुच सीबीआई की रिपोर्ट कानून मंत्री ने बदली थी।
वहीं पार्टी ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की जेपीसी के सामने अपनी बात रखने की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि जब तक उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया जाता। पार्टी अंतिम रिपोर्ट पर दस्तखत नहीं करेगी।
सपा ने जेपीसी की अंतिम रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं करने का डर दिखाकर रिपोर्ट के भविष्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। सपा के तेवरों को देखकर कांग्रेस भी हतप्रभ है।
जेपीसी अध्यक्ष पीसी चाको ने सपा के रुख पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा है कि राजा जेपीसी में अपनी बातों को रखना चाहते हैं।
यह कानून का नियम है कि हर आरोपी को सफाई देने का मौका दिया जाता है। ए राजा की बात सुनी जाए। उसके बाद रिपोर्ट लाई जाए। अग्रवाल ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो हम इस पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। हम इसका संसद में भी विरोध करेंगे।
दूसरी तरफ कोयला घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट कानून मंत्री अश्विनी कुमार के देखने को लेकर पार्टी का कहना है कि अगर सीबीआई अपने हलफनामे में यह बात स्वीकार करती है तो सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी होगी।
अग्रवाल ने कहा कि सपा पहले से ही कह रही है कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। यह इसका ताजा उदाहरण है।