केंद्र सरकार ने लोकसभा को जानकारी दी है कि 2010 से अब तक नेपाल सीमा के जरिए 262 पूर्व आतंकी भारत लौटे हैं।
गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने लिखित जवाब में बताया कि जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा 2010 में जारी की गई पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ये सभी वापस लौटे हैं।
इन पूर्व आतंकियों की सहायता के लिए नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा एलओसी स्थित वाघा (अटारी), सलामाबाद, चक द बाग पर ज्वाइंट चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
सिंह ने बताया कि पूर्व आतंकवादी नेपाल सीमा से भारत आ रहे हैं क्योंकि नेपाल और भारत के बीच भारतीय नागरिकों के लिए वीजा अनिवार्य नहीं है।
जम्मू और कश्मीर पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, 2010 से लेकर 2012 और इस साल 10 अप्रैल तक 262 पूर्व आतंकी नेपाल के जरिए भारत लौट चुके हैं।
नेपाल के जरिए लौटने वाले सभी लोगों की संयुक्त पूछताछ केंद्र (जेआईसी) में जांच की गई है।