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बेनी-मुलायम का बखेड़ा सातवें आसमान पर

Sun, 31 Mar 2013 10:14 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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बेनी प्रसाद वर्मा और मुलायम सिंह यादव के बीच फिर से ठन गई है। यूपी में चार सीटों पर सिमटने के बेनी प्रसाद वर्मा के कटाक्ष पर समाजवादी पार्टी बिफर पड़ी है।
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लिहाजा, दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग अब निजी आरोप प्रत्यारोप तक पहुंच गई है। सपा ने कहा है कि उन्हें अपने बेटे की हार का गम सता रहा है तो बेनी ने भी पलटवार कर मुलायम सिंह यादव को उनकी बहू की हार की याद दिला दी।

सपा ने तो कांग्रेस को इसकी कीमत चुकाने की धमकी तक देते हुए बेनी के इस्तीफे को लेकर एक बार फिर कांग्रेस पर दबाव बना दिया है। इस जुबानी जंग के बीच सपा के समर्थन को ध्यान में रख कांग्रेस और सरकार ने चुप्पी साध ली है।
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संसद के बजट सत्र के पहले हिस्से के दौरान बेनी प्रसाद वर्मा की तीखी जुबान से सपा की भड़की गुस्से की आग दुबारा भड़क गई है। इस बार बेनी के बयान पर पूरा सपा खेमा ही जवाब देने मैदान में उतर आया है।

मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि बेनी अपने बेटे को जिता नहीं पाएं। राहुल को क्या प्रधानमंत्री बनाएंगे। वहीं रामगोपाल यादव ने कहा कि वह अपने बेटे के गम में है और अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा है कि जिस पार्टी के नेता सपा को चार-पांच सीटों पर समेटने का दावा कर रहे हैं। उन्हीं की पार्टी आगामी चुनाव में चार सीटें भी हासिल नहीं कर पाएगी।

यही नहीं, सपा की ओर से सिर्फ बयानबाजी ही नहीं, बल्कि इस्पात मंत्री के इस्तीफे के लिए दबाव बना लिया है। सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी यूपीए सरकार को बेनी से इस्तीफे मांगने के लिए कहने की योजना बना रही है।

वहीं बढ़ते बवाल को देखते हुए कांग्रेस और सरकार ने चुप्पी साध ली है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने सरकार की स्थिरता की बात तो कही मगर बेनी के बयान पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कुछ भी नहीं कहना है।

दरअसल, बेनी जिस तरह से सपा से लोहा ले रहे हैं। उसे लेकर कांग्रेस भी गदगद है, क्योंकि मुलायम भी सरकार पर हमले करते रहे हैं। सपा के समर्थन की जरूरत को देखते हुए कांग्रेस किसी तरह का जोखिम उठाने के हक में नहीं है। लिहाजा, चुप रहकर ही दूर से ही पूरा तमाशा देखना ही मुनासिब समझ रही है।
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