सपा के बड़बोले महासचिव नरेश अग्रवाल महिलाओं पर एक और बयान देकर घिर गए हैं।
बुधवार को उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकने से संबंधित बिल पारित होने के बाद अब बड़े-बड़े अधिकारी महिलाओं को अपना पीए रखने में डर रहे हैं।
उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि पता नहीं कब कौन सा आरोप लगा दिया जाए। अग्रवाल ने यह भी कहा कि तरुण तेजपाल यौन शोषण विवाद के कारण लड़कियों को नौकरी मिलनी ही मुश्किल हो जाएगी।
पहले भी कई बार महिला विरोधी टिप्पणी कर विवाद खड़ा करने वाले अग्रवाल अपने इस बयान के कारण न केवल अपने राजनीतिक विरोधियों बल्कि महिला आयोग के भी निशाने पर आ गए हैं।
आयोग की सदस्य निर्मला सावंत ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए कहा है कि अगर इस टिप्पणी के लिए अग्रवाल ने माफी नहीं मांगी तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
जबकि कांग्रेस और भाजपा ने भी इस टिप्पणी पर सपा महासचिव को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने इसे 15वीं शताब्दी की सोच करार देते हुए कहा है कि यौन शोषण के खिलाफ खड़ी होकर साहस दिखा रही महिलाएं ऐसी टिप्पणियों से हतोत्साहित होंगी।
भाजपा ने कहा है कि पहले भी महिलाओं के बारे में ओछी टिप्पणियां कर चुके अग्रवाल को महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए।
इससे पहले कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानून का जिक्र करते हुए अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पहले इसके व्यापक दुरुपयोग की आशंका जताई थी। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों अग्रवाल ने नरेंद्र मोदी पर हमला करने के जोश में महिलाओं का अपमान कर बैठे थे।