काश! हर मामले में पुलिस तफ्तीश की रफ्तार इतनी ही फास्ट होती। ऐसा होता तो थानों में विवेचनाओं का अंबार न लगता।
सपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला को रिपोर्ट लिखाने में पूरे सात दिन लग गए। लेकिन आरोपी सपा नेता को क्लीन चिट देने में पुलिस को दो घंटे भी नहीं लगे।
पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को सपा नेता और उसके दो साथियों पर गैंगरेप का केस दर्ज किया और शाम होने से पहले ही उसे मारपीट में तरमीम कर दिया। पुलिस का कहना है कि गैंगरेप का आरोप झूठा था घटना केवल मारपीट की थी जो एनसीआर की श्रेणी में आती है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में काजीपुरा निवासी एक महिला ने 27 जून को सिविल लाइन पुलिस को तहरीर देकर काजीपुरा निवासी सपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मतीन और उसके साथियों मुकीम व शमशेर पर गैंगरेप का आरोप लगाया था।