सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने समर्थन देकर यूपीए सरकार को बचा जरूर लिया है
पर एफडीआई के सवाल पर उनके तेवर अब भी तीखे हैं। मुलायम ने साफ किया है कि
जरूरत पड़ी तो उनकी पार्टी इस बारे में संसद में कड़ा प्रस्ताव लाने से
परहेज नहीं करेगी।
एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में सपा सुप्रीमो ने
बेलाग कहा कि लोकसभा सत्र से पहले ही वह प्रधानमंत्री से एफडीआई का
प्रस्ताव वापस लेने की मांग करेंगे। ऐसा न हुआ तो वे सदन में एफडीआई के
खिलाफ कठोर प्रस्ताव लाने में भी नहीं हिचकेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या
वह एफडीआई के सवाल पर सदन में ममता बनर्जी के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे,
मुलायम ने कहा कि हम इसका विरोध कैसे कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री के
खिलाफ भी तीखे तेवर अपनाते हुए सपा मुखिया ने कहा कि देश के नाम पीएम के
संबोधन को वह विपक्ष के लिए धमकी मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका
संबोधन भी कहीं से प्रधानमंत्री का संबोधन नहीं लग रहा था।
इस बीच,
पंजाब के मुख्यमंत्री और अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात के बाद
मुलायम ने सफाई दी कि तीसरे मोर्चे का गठन चुनाव से पहले नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि बादल से हमारा पुराना रिश्ता है और काफी दिनों से मुलाकात
नहीं हुई थी। अकाली दल के प्रवक्ता के मुताबिक, बादल से मुलायम के बीच
एफडीआई के मसले पर चर्चा हुई।