सपा और बसपा में मंगलवार को रॉबर्ट वाड्रा मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को क्लीन चिट देने की होड़ मच गई।
भले ही दोनों पार्टियों के प्रमुख सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती एक दूसरे को फूटे आंखों नहीं सुहाते हों, मगर सोनिया गांधी के बचाव में दोनों अब एक पाले में खड़े होकर बोलते नजर आ रहे हैं। दोनों पार्टियों की नरमी को राजनीतिक गलियारों में आश्चर्यजनक माना जा रहा है।
सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट को लेकर भाजपा ने संसद में हंगामा बरपा हुआ है। विपक्षी दल संसद में बहस की मांग कर रहे हैं और सीधे सोनिया गांधी का जिक्र किया जा रहा है।
मगर सपा और बसपा दोनों ने इससे कन्नी काट ली है। दोनों दलों ने मंगलवार को एक सुर में कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं घसीटा जाना चाहिए।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने संसद परिसर में कहा कि अगर कोई गलत काम करता है तो उसके रिश्तेदार को दंडित नहीं किया जाना चाहिए। रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ आरोपों को लेकर सोनिया गांधी को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
उधर सपा नेता रामगोपाल यादव ने भी कहा कि यह मामला संसद में नहीं उठाया जाना चाहिए।
एक अन्य सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे के राजनीतिकरण और इसमें सोनिया गांधी को घसीटने से सहमत नहीं हैं। मुझे नहीं लगता कि इस पूरे मुद्दे को लेकर उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह राज्य से जुड़ा मामला है और इससे राज्य स्तर पर ही निपटा जाना चाहिए।