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मॉनसून ने दी दस्तक, बारिश ही बारिश

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आखिरकार पूरे देश में मानसून के बादल छा गए हैं। पिछले दो-तीन दिन में मध्य और उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों में जोरदार बारिश हुई है, जिससे सूखे का खतरा टल सकता है। लेकिन अब भी पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी पर मानसून पूरी तरह मेहरबान नहीं है।
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मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में यूपी व उत्तराखंड में भारी बारिश की उम्मीद जताई है। बरसात का सिलसिला अगले दस दिन तक जारी रह सकता है।

इस सीजन में देश में सामान्य से 36 फीसदी कम बारिश हुई है। पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 43 फीसदी था।

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी वर्षा का अलर्ट

मौसम विभाग के निदेशक बीपी यादव का कहना है कि 17 जुलाई तक मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है। जो अगले दस दिन तक सक्रिय रह सकता है।

आमतौर मानसून 15 जुलाई तक पूरे देश को कवर करता है। इस लिहाज से इस साल दो दिन की देरी है, जो बहुत अधिक नहीं है।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी व पूर्वी यूपी और राजस्थान में भी अच्छी बारिश के आसार हैं।
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हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी बारिश को तरसे

करीब छह हफ्ते के इंतजार के बाद हुई बारिश के बावजूद देश पर सूखे का खतरा मंडरा रहा है। हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी में अभी तक सामान्य से 63-72 फीसदी तक कम बारिश हुई है।

अगर बारिश का सिलसिला जुलाई के आखिरी तक जारी रहा तो सूखे का संकट जरूर टल सकता है। उम्मीद है कि मानसून सीजन के आखिरी तक कुल वर्षा सामान्य से 25 फीसदी कम रहने का अनुमान है।

पूसा संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि बासमती धान की बुवाई और रोपाई आगामी 25 जुलाई तक की जा रही है। लेट बुवाई के लिए पूसा बासमती-1509 सबसे उपयुक्त है।

कृषि मंत्रालय राज्यों के लिए लेट वैरायटी के बीज मुहैया कराने की कोशिश कर रहा है। हाल की बारिश धान के अलावा गन्ना, सोयाबीन, कपास, मूंगफली और मोटे अनाजों की फसल के लिए फायदेमंद है।
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