'ललितगेट' मामले पर केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की सफाई पेश करने के एक दिन बाद सोनिया और राहुल ने उन पर जोरदार हमला किया है।
केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए कहा कि आखिर सुषमा जी या फिर उनके परिवार को ललित मोदी के सहयोग के लिए कितना कितना पैसा मिला है?
राहुल गांधी ने कहा कि जब भी चोरी की जाती है वह छुप के होती है। सुषमा जी ने पूरे मामले में छुप के काम किया। मंत्रालय में किसी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में उन्हें ये बताना चाहिए कि आखिर उन्हें या फिर उनके परिवार को कितना पैसा ललित मोदी की ओर से मिला है।
सोनिया ने सुषमा को बताया नाटकबाज
इसके साथ ही राहुल गांधी ने सुषमा स्वराज की ओर से एक दिन पहले संसद में दिए गए उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें सुषमा स्वराज ने कहा था कि अगर उनकी जगह सोनिया गांधी होती तो वो क्या करती? इसके जवाब में राहुल ने कहा कि सोनिया गांधी उस शख्स का कोई सहयोग नहीं करती। वो ऐसा बिल्कुल नहीं करती जैसा की सुषमा स्वराज ने किया।
कुल मिलाकर राहुल गांधी ने अपने जवाब के साथ ही केंद्रीय मंत्री पर घेराबंदी तेज करते हुए सवाल उठाए कि उन्हें बताना चाहिए आखिर उन्हें कितने पैसे इस काम के लिए मिले हैं? राहुल के मुताबिक ऐसे काम में वित्तीय सहयोग जरूर किया जाता है।
वहीं राहुल गांधी से पहले सोनिया गांधी ने भी सुषमा स्वराज पर निशाना साधते हुए उन्हें सबसे बड़ा नाटकबाज बताया है। संसद परिसर में सोनिया ने कहा कि सुषमा नाटक करने में माहिर हैं।
राहुल-सोनिया पर स्मृति का पलटवार
केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से लगातार हो रहे हमलों पर भाजपा ने पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी के सुषमा पर दिए 'ड्रामेबाजी' वाले बयान पर इसे संसद का अपमान करार दिया है।
स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी के साथ-साथ राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद का अपमान किया है। राहुल संसद को थिएटर कह रहे हैं।
स्मृति ने राहुल और सोनिया गांधी से अपील करते संसद की गरिमा कम नहीं करने को कहा है। आपको बता दें कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने शुक्रवार को संसद में सुषमा स्वराज पर निशाना साधा था।
एक दिन पहले लोकसभा में सुषमा ने दी थी सफाई
आपको बता दें कि ललित गेट विवाद में घिरीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में कहा कि उन्होंने ललित की नहीं, 17 साल से कैंसर से जूझ रही उनकी पत्नी की मदद की। गुरुवार विपक्ष विहीन लोकसभा में अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ भावनाओं को ढाल बनाया।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे ललित मोदी की नहीं, बल्कि 17 साल से कैंसर से जूझ रही उनकी पत्नी की मदद की। अगर कैंसर पीड़ित महिला की मदद करना अपराध है तो वह इसे स्वीकार करती हैं। इस दौरान विदेश मंत्री ने सीधे कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा और पूछा कि उनकी जगह अगर सोनिया होतीं तो वह क्या करतीं?
उन्होंने दावा किया था कि ललित मोदी की मदद के लिए न तो उन्होंने ब्रिटिश सरकार को कोई सिफारिशी पत्र लिखा और न ही कोई मौखिक आदेश दिया।
ललित गेट विवाद पर लोकसभा में पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए विदेश मंत्री ने विपक्षी दलों की अनुपस्थिति का भरपूर लाभ उठाया। पूरे मामले को मानवीय संवेदना से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि कैंसर पीड़ित ललित मोदी की पत्नी के खिलाफ कोई केस नहीं है और उन्होंने कोई चोरी भी नहीं की है।