पहले से ही सत्ता विरोधी देशव्यापी माहौल का सामना कर संकट से दौर से गुजर रही कांग्रेस की परेशानी पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के अचानक बीमार हो जाने से और बढ़ गई है।
सोनिया के खराब स्वास्थ्य के कारण पार्टी के चुनाव प्रचार कार्यक्रम पर असर पड़ना शुरू हो गया है। रविवार को अस्वस्थ होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष को अपना महाराष्ट्र दौरा रद्द करना पड़ा।
उनकी भरपाई के लिए महाराष्ट्र गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को रविवार को ही सोनिया के संसदीय क्षेत्र में प्रचार करने का कार्यक्रम टालना पड़ा है। कांग्रेस हालांकि सोनिया के स्वास्थ्य के संबंध में अधिक जानकारी देने से इंकार कर रही है।
मगर पार्टी के कई नेता मानते हैं कि चरम पर पहुंचे चुनाव प्रचार के दौरान उनका बीमार होना नई परेशानी पैदा कर रहा है। उल्लेखनीय है कि भले ही राहुल अघोषित रूप से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, मगर बतौर स्टार प्रचारक अभी भी सबसे ज्यादा मांग सोनिया की ही है।
सोनिया गांधी की बीमारी, कांग्रेस के लिए आफत
पार्टी अध्यक्ष के अचानक बीमार हो जाने से पहले से ही कई मोर्चों पर चुनौती झेल रही कांग्रेस के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। पार्टी के नेता इस बात से चिंतित हैं कि अगर सोनिया जल्द स्वस्थ न हुई तो पार्टी के चुनाव प्रचार कार्यक्रम में बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा।
वैसे भी अस्वस्थ होने के कारण सोनिया महाराष्ट्र में रविवार को ही प्रस्तावि धुले, नंदुरबार और मुंबई में चुनावी रैलियों को संबोधित नहीं कर पाईं। सोनिया की भरपाई के लिए पार्टी ने वहां राहुल को भेजा। इस कारण राहुल को अपना रायबरेली दौरा रद्द करना पड़ा। अगर सोनिया लंबे समय तक बीमार रहती हैं तो कांग्रेस के लिए अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रम में व्यापक फेरबदल करना पड़ेगा।
राहुल गांधी की बढ़ी जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर सोनिया जल्द स्वस्थ नहीं हुई तो चुनाव प्रचार का पूरा दारोमदार राहुल गांधी पर आ जाएगा। इस कारण राहुल के पहले से तय कार्यक्रम में अंतिम समय में फेरबदल करना बेहद दुश्कर होगा।
वैसे भी भले ही राहुल अघोषित तौर पर पार्टी और चुनाव प्रचार की अगुवाई कर रहे हैं। मगर सच्चाई यह है कि पार्टी के ज्यादातर उम्मीदवार अपने अपने इलाकों में राहुल की बजाय सोनिया की रैलियां करवाना चाहते हैं।