आम जनता के दिलों में उतरने के लिए कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी से सटे हरियाणा के सूरजकुंड तक दूरी सार्वजनिक परिवहन से तय की। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी व महासचिव राहुल गांधी के अलावा बस में केंद्रीय मंत्रिमंडल व पार्टी के वरिष्ठ नेता भी सवार थे।
घंटे भर से भी कम समय की इस दूरी को लाव-लश्कर के साथ लालबत्ती लगी गाड़ियों को छोड़कर बस से तय करने का मकसद आम आदमी को सादगी का संदेश देना था। कांग्रेस आलाकमान की इस पहल को वर्ष 2014 के चुनावों के मद्देनजर आम कार्यकर्ताओं से जुड़ने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष की योजना थी कि इस सफर में प्रधानमंत्री भी उनके साथ रहें, लेकिन सुरक्षा कारणों से यह संभव नहीं हो सका। फिर भी सोनिया व राहुल के साथ पार्टी नेताओं का घंटे भर से भी कम समय का सफर न सिर्फ वरिष्ठ, बल्कि कार्यकर्ताओं को सादगी का संदेश दे गया।
माना जा रहा है कि वर्ष 2014 के आम चुनावों तक कांग्रेस की ओर से कुछ इसी तरह के अद्भुत और दिलों को छूने वाले कदम उठाए जा सकते हैं। सूरजकुंड विचार मंथन बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी बस की सवारी की।
बस में सोनिया और राहुल आगे की सीटों पर बैठे थे। उनके पीछे पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और अंबिका सोनी मौजूद थे। इसके बाद एके एंटनी, पी. चिदंबरम, कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी सहित अन्य मंत्रियों ने अपनी सीटें संभाल रखी थी।
इसी प्रकार दूसरी बस में भी केंद्रीय मंत्रियों के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी व नेता मौजूद थे। जाहिर है कि वर्ष 2014 के चुनावों को देखते हुए कांग्रेस को न सिर्फ आम आदमी, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं की भी याद आ गई है।
इसी के चलते सोनिया ने बस की सवारी कर पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं यह संदेश देने की कोशिश की है कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के करीब पहुंचने के लिए सादगी का रास्ता अपनाएं। पिछले दिनों रामलीला मैदान में हुई रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस को आम आदमी के लिए राजनीति के बंद दरवाजों को खोलना होगा।