कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने
छात्र प्रतिनिधियों से डेढ़ घंटे बात की। बैठक में गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी मौजूद थे।
बैठक के बाद आरपीएन सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के सुझाव ले लिए हैं। उन्होंने बताया कि इन सुझावों को रेप के खिलाफ होने वाले कानून संशोधन में शामिल किया जाएगा।
वहीं, सोनिया गांधी ने सामूहिक बलात्कार मामले में कल देर रात अपने आवास पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से बात की और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
राजधानी दिल्ली के अति सुरक्षा वाले इलाके में स्थित आवास 10 जनपथ के बाहर आधी रात को प्रदर्शनकारियों ने धरना देना शुरू कर दिया।
कड़ाके की ठंड होने के बावजूद प्रदर्शनकारी गांधी से मिलने की मांग को लेकर अडे़ रहे। हालात को देखते हुए गांधी ने भी उनसे मिलने में अधिक देर नहीं लगाई और अपने सुरक्षा की परवाह न करते हु प्रदर्शनकारियों के बीच जा पहुंची।
गांधी ने करीब 20 मिनट तक प्रदर्शनकारी युवक-युवतियों के रोष का सामना किया। वह उनके बीच ही जाकर बैठ गईं और उनसे बातचीत करने लगीं।
वहां मौजूद तमाम लोग उनसे यह जानना चाह रहे थे कि सामूहिक बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध जैसे मामलों में कड़ी सजा वाले प्रावधान कब तक किए जाएंगे।
हालांकि गांधी ने सख्त कानून लाए जाने की कोई समय सीमा नहीं दी लेकिन यह जरूर कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि दिल्ली के वसंत विहार इलाके में गत रविवार की रात को एक मेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कार और फिर जघन्य हमले ने समूचे देश को हिलाकर रख दिया है।
बलात्कारियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान करने की मांग लगातार जोर पकड़ती जा रही है। इसी मांग को लेकर कल समूचे दिन इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया।