सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद में मोदी सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रही कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में जुटी है।
मानसून सत्र से ठीक पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयासों के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अगले हफ्ते इफ्तार पार्टी का आयोजन किया है।
इसमें जदयू नेता नीतीश कुमार, राजद नेता लालू प्रसाद यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आने की संभावना है। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों का दावा है कि इफ्तार पार्टी में क्षेत्रीय दलों को बुलाकर पार्टी मोदी सरकार को विपक्ष की ताकत का अहसास दिलाना चाहती है।
13 जुलाई को दे सकती हैं इफ्तार
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जदयू, सपा और राजद के नेताओं ने मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस का पूरा साथ देने का भरोसा दिया है।
सोनिया गांधी 13 जुलाई को दिल्ली में इफ्तार पार्टी का आयोजन कर सकती हैं। माकपा, भाकपा, जदयू, सपा, बसपा, द्रमुक, अन्नाद्रमुक, एनसीपी समेत कई विपक्षी दलों को न्योता देने की बात चल रही है।
दरअसल, ललित मोदी और व्यापम घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस भले ही मोदी सरकार पर आक्रामक होकर हमले कर रही हो, मगर माकपा को छोड़कर अभी तक किसी और दल ने कांग्रेस का खुलकर साथ नहीं दिया है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की माकपा, जदयू, सपा और बसपा नेताओं से बातचीत हुई है। वे ललित मोदी और व्यापम के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने में एक स्वर से कांग्रेस का साथ देने के लिए तैयार हैं।