सीमांध्र से आने वाले केंद्रीय मंत्रियों ने भले ही अपने इस्तीफों का ऐलान कर दिया हो लेकिन इसको लेकर असमंजस बना हुआ है। कांग्रेस अध्यक्षा नाराज मंत्रियों को मनाने का प्रयास कर रही हैं।
इस बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है और कहा है कि वह केंद्र के एकतरफा फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
तटीय आंध्र और रायलसीमा इलाके में लगातार दूसरे दिन भी बंद से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने शुक्रवार को ही अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया था लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें अभी तक इस्तीफा सौंपने का वक्त नहीं दिया है। इसलिए वह तकनीकी रूप से अभी भी मंत्री पद पर काबिज हैं।
रेल राज्य मंत्री सूर्यप्रकाश रेड्डी ने प्रधानमंत्री से मिलकर अपना इस्तीफा दिया था। मगर उनका भी त्यागपत्र अभी स्वीकार नहीं किया गया है। इन दोनों मंत्रियों ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।
सोनिया ने इन दोनों नेताओं को संयम बरतते हुए धैर्य बनाए रखने की सलाह दी है और जल्दबाजी में कोई भी कदम नहीं उठाने को कहा है। वहीं पुरंदेश्वरी, कुरुपा रानी और चिरंजीवी को भी प्रधानमंत्री की ओर से मुलाकात का वक्त नहीं मिला है।
चिरंजीवी ने फैक्स से अपना इस्तीफा भेजा है, जबकि पुरंदेश्वरी और कुरूपा भी त्यागपत्र देने की इच्छा जता चुकी हैं। ऐसे में अभी सभी मंत्री तकनीकी तौर पर अपने पद पर कायम है।
सूत्रों का कहना है कि मंत्री भी इस्तीफा नहीं देना चाहते हैं। मगर बढ़ते दबाव के चलते वह मजबूर हैं। मंत्री भी दबाव कम होने का इंतजार कर रहे हैं।