हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए 4 नवंबर को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मंडी में सोमवार को आयोजित कांग्रेस की सत्ता परिवर्तन रैली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि जब से राज्य में धूमल सरकार आई है तब से उसने जनता से किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया है।
मनरेगा और सूचना का अधिकार कानून को यूपीए सरकार की बड़ी उपलब्धी करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा के जरिए हिमाचल समेत पूरे देश में लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने रिटेल सेक्टर में एफडीआई के अनेक फायदे भी गिनाए।
उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश के विकास के लिए करोड़ों रुपये दिए, लेकिन राज्य में कहीं विकास नहीं दिखता है। केंद्र ने विकास के लिए राज्य सरकार को दस हजार करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन भाजपा सरकार उसे खर्च तक नहीं कर पाई। इस कारण प्रदेश की आम जनता को कोई लाभ नहीं मिला।
सोनिया ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी दो टूक बात रखी। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं है बल्कि वे कांग्रेस के खिलाफ हैं। भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष बेवजह हंगामा खड़ा कर रहा है। उन्होंने संसद में लोकपाल बिल न पास होने के लिए विपक्ष को कसूरवार ठहराया।