लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी हार के बाद एक बार फिर से पार्टी की मुश्किलें बढ़ी हैं।
पार्टी के ही एक पूर्व नेता की किताब में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर सनसनीखेज खुलासे ने पार्टी को परेशान कर दिया है।
ये खुलासा साल 2004 का है जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद ठुकराया था। इसी मुद्दे पर पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे नटवर सिंह ने ये दावे किए हैं।
उनके मुताबिक, "सोनिया गांधी ने उस समय प्रधानमंत्री का पद अपनी अंतरात्मा की आवाज पर नहीं बल्कि राहुल गांधी के डर कारण ठुकराया था। राहुल गांधी को डर था कि अगर सोनिया प्रधानमंत्री बनती हैं तो पिता राजीव गांधी की तरह सोनिया गांधी की भी हत्या कर दी जाएगी।"
नटवर सिंह पर सोनिया गांधी का पलटवार
हालांकि नटवर सिंह के इस दावे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अब वो भी अपनी किताब लिखेंगी। जिसमें वो पूरे मामले का खुलासा करेंगी।
उनकी किताब से ही पूरे मामले का सच सामने आएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले वो इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वो नटवर सिंह के आरोपों से आहत नहीं हैं।
सोनिया गांधी ने कहा, "मेरे पति और मेरी सास की हत्या कर दी गई। मैंने किस तरह पार्टी और खुद को संभाला है। ये सब सच किताब में आएगा।"
वहीं उन्होंने कहा कि नटवर सिंह की किताब को छपने से रोकने के लिए उनकी ओर से किसी तरह के प्रयास नहीं किए गए।
बता दें कि पूर्व कांग्रेसी नेता नटवर सिंह ने हाल ही में कांग्रेस में बिताए अपने कार्यकाल को लेकर एक किताब लिखी है, जो एक अगस्त को रिलीज होने वाली है। माना जा रहा है कि उनकी इस किताब में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं।
'10 जनपथ नहीं जाती थी कोई फाइल'
दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नटवर सिंह की किताब को लेकर पलटवार किया है।
उन्होंने नटवर सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें पूर्व कांग्रेसी नेता ने कहा था कि यूपीए सरकार के दौरान सरकारी फाइलें 10 जनपथ यानी सोनिया गांधी तक पहुंचती थी।
मनमोहन सिंह ने कहा, "यूपीए सरकार के दौरान कोई भी फाइल 10 जनपथ नहीं जाती थी और न ही कोई फाइल सोनिया गांधी को दिखाई जाती थी।"
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भले ही इस बात का खंडन करें, लेकिन ऐसे आरोप उनकी सरकार पर पहली बार नहीं लगे हैं। इससे पहले मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू ने भी अपनी किताब 'द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर' में कुछ ऐसे ही खुलासे किए थे।