लोकसभा चुनाव से डेढ़ साल पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक बार फिर मंत्रियों की नकेल कसने की याद आई है। उन्होंने शुक्रवार को यूपीए सरकार के मंत्रियों को कड़ी फटकार लगाई।
सोनिया ने मंत्रियों को दो टूक कहा कि वह कार्यकर्ताओं की बातें सुनें ओर उनकी चिंताओं पर ध्यान दें। दरअसल, सोनिया मंत्रियों को पहले भी कई बार कड़वी घुट्टी पिला चुकी हैं, लेकिन मंत्री हैं कि मानते नहीं।
पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कई बार हाईकमान से मुलाकात में और मंच तक से यह शिकायत कर चुके है। इसके बावजूद नतीजा अब तक सिफर रहा है और केंद्रीय मंत्रियों की अकड़ जस की तस बनी हुई है।
कांग्रेस की संवाद बैठक में सोनिया गांधी ने मंत्रियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे कार्यकर्ताओं की बातें ध्यान से सुनें। राज्यों में किसी कार्यक्रम में जाने पर मंत्रियों को चाहिए कि वे पार्टी के साथियों को आमंत्रित करें।
सोनिया ने कहा कि मंत्रियों को पार्टी दफ्तर जाना चाहिए और कार्यकर्ताओं से जरूर मिलना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने विपक्ष शासित राज्यों के मंत्रियों से कहा कि इन राज्यों में ऐसा करना और ज्यादा जरूरी है।
मंत्रियों के काम को लेकर पार्टी में उपजे असंतोष पर सोनिया ने कहा कि पार्टी के कई साथियों को समय-समय पर सरकार के कुछ फैसलों पर ताज्जुब होता रहा है। पार्टी के अनेक साथी अपनी चिंताओं और सुझावों पर मंत्रियों द्वारा ध्यान न देने पर असंतुष्ट होते रहे हैं।
सोनिया ने मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारी समझने की नसीहत दी। कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले लोकसभा चुनाव से पहले भी रामलीला मैदान में पार्टी जिलाध्यक्षों के सम्मेलन में इस तरह की नसीहत मंत्रियों को दी थी।