लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एक बार फिर आगे आकर पार्टी को पटरी पर लाने की कोशिश में जुट गई हैं। इस कोशिश में सोनिया राहुल के मुकाबले ज्यादा सक्रिय हो गई हैं।
उन्होंने लोकसभा चुनाव में हारे हुए कई वरिष्ठ नेताओं को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वे निराश न हों और पार्टी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत करें। संसद में संसदीय दल का नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उपनेता अमरिंदर सिंह भी सोनिया गांधी की ही पसंद हैं।
इसके अलावा चुनावी राज्य महाराष्ट्र और हरियाणा में उठ रही नेतृत्व परिवर्तन की मांगों को राहुल गांधी सोनिया की सलाह मशविरे के बलबूते ही निपटा रहे हैं। सोनिया अभी तक सभी प्रदेश अध्यक्षों और कांग्रेस शासित मुख्यमंत्रियों से मिल चुकी हैं। साथ ही कांग्रेस की नई टीम बनाने में राहुल को फ्री हैंड देने के बजाय सोनिया इस काम में अहम भूमिका निभा रही हैं।