आम जनसभाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोनिया गांधी यदाकदा हमले बोलती रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद यह पहला मौका था जब कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम पर संसद में सीधा हमला बोला। मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी), केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और लोकपाल की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाने को आधार बनाते हुए सोनिया ने पीएम पर पारदर्शिता के मुद्दे पर सरेआम अपनी बात से पलटने का आरोप मढ़ा। यही नहीं उन्होंने यहां तक कहा कि भाजपा सरकार आरटीआई अधिनियम को निष्प्रभावी बनाने पर तुली है।
उन्होंने सरकार पर आरोप मढ़ा कि आम जनता को अब सरकार से सीधे सवाल करने का अधिकार नहीं रह गया है। अभी तक सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और कैग को आरटीआई के तहत जवाबदेह नहीं होने और सार्वजनिक जांच से छूट थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब इस दायरे में पीएमओ और कैबिनेट सचिवालय भी आ गए हैं।