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वोट बटोरने को कांग्रेस ने खेला सस्ते अनाज का दांव

Sun, 14 Jul 2013 12:32 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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कांग्रेस-यूपीए सरकार ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपने सबसे बड़े वोट बटोरू दांव यानी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्म दिवस 20 अगस्त से लागू करने का फैसला किया है।
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दो तिहाई आबादी को सस्ती दर पर अनाज देने की इस योजना की शुरुआत कांग्रेस शासित राज्यों से होगी।

दिल्ली समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों और अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस हाईकमान ने अपने मुख्यमंत्रियों को इस योजना पर आगे बढ़ने का स्पष्ट निर्देश दिया।

इस निर्देश पर अमल करने की होड़ में दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों ने अपने सियासी नंबर बढ़ाते हुए सबसे पहले अपने राज्यों में इसे लागू करने की घोषणा कर दी।
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पिछले लोकसभा चुनाव में मनरेगा और किसान कर्ज माफी के लुभावने फैसलों के जरिए दोबारा सत्ता में लौटे यूपीए ने 2014 के चुनाव में खाद्य सुरक्षा के साथ सीधे नगद हस्तांतरण योजना को सबसे बड़ा सियासी गेम चेंजर बनाया है।

इसीलिए तमाम राजनीतिक ऐतराज की अनदेखी करते हुए अध्यादेश के जरिए खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने के बाद चुनाव से पहले इस पर अमल कराना सरकार और कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को कांग्रेस शासित 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ खाद्य मंत्री केवी थामस समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं ने दस जनपथ पर हुई इस बैठक में खाद्य सुरक्षा को तेजी से लागू कर इसका सियासी लाभ उठाने के पहलुओं पर माथापच्ची की।

कांग्रेस की रणनीति अपने राज्यों में इस योजना को जल्द लागू करने के साथ-साथ उन राज्यों के वोटरों तक भी संदेश पहुंचाने की है, जहां विपक्षी और सहयोगी दलों की सरकारें हैं।

करीब एक घंटे तक चली बैठक में सोनिया ने मुख्यमंत्रियों को नसीहत दी कि खाद्य सुरक्षा योजना के प्रारूप में किसी तरह का बदलाव न किया जाए।

सस्ते अनाज का हक
इस योजना में देश के लगभग 82 करोड़ लोगों को सस्ते दाम पर अनाज उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पौष्टिकता के लिहाज से इस योजना में रियायती दर पर दाल और खाद्य तेल देने की व्यवस्था भी की जा रही है।

चुनावी जल्दबाजी में खाद्य सुरक्षा योजना को लागू करने की बात गलत है। हमारा मकसद गरीबों को भरपेट भोजन का अधिकार देना सुनिश्चित करना है।--अजय माकन, कांग्रेस नेता

दिल्ली में भी लागू होगी योजना
दिल्ली में राशन की दुकानें लगभग समाप्त हो गईं हैं। इसके बावजूद दिल्ली ने अपने यहां 20 अगस्त से खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने की घोषणा की है।

यह योजना गरीबों तक कैसे पहुंचेगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। फिलहाल दिल्ली में यह दो चरणों में लागू की जाएगी। पहले चरण में 5.21 लाख परिवारों को शामिल करने की योजना है। इसमें सभी बीपीएल, एपीएल और एएवाई के लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।
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बेघर लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, कूड़ा बीनने वाले, पुनर्वास कालोनियों व स्लम में रहने वालों को भी अगले महीने से खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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