मुंबई में 11 माह के एक मासूम का शव अंतिम संस्कार के लिए पश्चिम अफ्रीकी देश टोगो की जेल में बंद अपने पिता का इंतजार कर रहा है।
मासूम का शव पिछले पांच दिनों से अस्पताल के मुर्दाघर में है।
हालांकि, भारत अपने नाविक की रिहाई के लिए टोगो के कोर्ट से संपर्क साधने की कोशिश में लगा हुआ है। भारत कोर्ट से अनुकंपा के आधार पर नाविक कैप्टन सुनील जेम्स की रिहाई के लिए कोशिश कर रहा है।
सुनील का परिवार बेसब्री से उसके स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहा है ताकि वह पिछले हफ्ते हुई अपने 11 माह के बेटे विवान की मौत के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर सकें। इस मामले में घाना की राजधानी अक्रा स्थित भारतीय मिशन पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मिशन के एक अधिकारी को जज से संपर्क करने के लिए टोगो भेजा गया है। ताकि वहां सुनील की अनुकंपा के आधार पर रिहाई की अपील दायर की जा सके।
सुनील को जुलाई में समुद्री डाकुओं से मिले होने के आरोप में टोगो में गिरफ्तार किया गया था। डाकुओं ने 16 जुलाई को मार्शल द्वीप के पास सुनील के जहाज एमटी ओशन सेंचुरियन को लूट लिया था।
प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रालय ऐसे दर्दनाक मामले में मिशन और टोगो की राजधानी लोम में तैनात भारत के ऑनरेरी कौंसुल के जरिये वहां के अधिकारियों और न्याय मंत्रालय के संपर्क में है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सुनील की 31 वर्षीय पत्नी अदिति समेत परिजन चाहते हैं कि मासूम के शव का अंतिम संस्कार कैप्टन ही करें। विवान की आंतों में गैंगरीन हो गई थी, जिसका डॉक्टरों ने ऑपरेशन भी किया था, मगर उसे बचाया नहीं जा सका। बच्चे की मौत सेप्टीसीमिया की वजह से दो दिसंबर को हो गई थी।