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सोमनाथ चटर्जी ने भी जताया आपातकाल का खतरा

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने भी आपातकाल की संभावना जताई है। आडवाणी के बाद सोमनाथ चटर्जी का भी आया बयान भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी के बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने भी आपातकाल की बात से इंकार नहीं किया है। लालकृष्ण आडवाण्ी की बात का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि आज राजनीति की स्थिति को देखते हुए किसी भी बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
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पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आज राजनीति में द्वेष और बदले की भावना बढ़ गई है। इस लिहाज से आपातकाल के डर से इंकार नहीं किया जा सकता। राजनीति में द्वेष और गलत भावनाएं भारतीय कानून और संविधान को खतरे में डाल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से आम लोगों के अधिकारों के हनन की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी जो बिल्कुल सही नहीं है। यह सिर्फ देश नहीं राज्य में भी हो सकता है। इससे आपातकाल लगने की संभावनाएं बढ़ जाएगी जो भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा है।
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आडवाणी भी कह चुके हैं आपातकाल लगने की बात

इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी आपातकाल लगने की संभावनाओं पर बयान दे चुके है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वर्ष 1975-77 के बाद ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है जिससे इस भरोसे में मैं रह सकूं कि नागरिक अधिकारों को फिर से दबाने या खत्म करने का प्रयास नहीं किया जाएगा।

आडवाणी ने साफ किया कि यह आसान काम नहीं है। पर यह नहीं कहा जा सकता कि देश में फिर से आपातकाल नहीं लगेगा या नागरिक अधिकारों में फिर से काट-छांट नहीं की जाएंगी। आज के दौर में भी देश के भीतर मिला हुआ संवैधानिक संरक्षण काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि भारतीय राजनीति नेतृत्व में अभी भी परिपक्वता की कमी है। पर इसमें कमियों के कारण विश्वास नहीं होता कि आपातकाल के हालात फिर से पैदा नहीं होंगे।

लालकृष्‍ण आडवाणी के इस इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट किया था कि आडवाणी जी सही कह रहे हैं आपातकाल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्या दिल्‍ली में आपातकाल लगाने का प्रयोग किया जा रहा है?
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