अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हो रही राजनीति को दरकिनार करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि कुछ लोग जानकारी के अभाव में योग को इस्लाम के विरुद्ध बता रहे हैं।
इसका किसी जाति या धर्म से कोई लेनादेना नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस के लिए भारतीय प्रस्ताव का 47 मुस्लिम देशों ने न केवल समर्थन किया, बल्कि सह प्रायोजक भी बने हैं।
वहीं योग नहीं करने वालों को देश से बाहर जाने और समुद्र में डूब जाने जैसे महंत आदित्यनाथ के विवादास्पद बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया।
47 मुस्लिम देशों ने किया भारत का समर्थन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों का ब्यौरा देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मदरसों से भी योग दिवस मनाने के लिए कहा गया है, लेकिन इसे स्वेच्छा से किया जाना है। सुषमा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस मनाने के लिए 177 देश सह प्रस्तावक बने और यह निर्विरोध पारित हो गया। इसमें 47 मुस्लिम देश शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पहले दुनिया भर में एक ही समय में योग दिवस मनाने की योजना थी। इस पर कई मुस्लिम देशों ने रोजा इफ्तार के बाद योग दिवस मनाने की इच्छा जाहिर की।
इसके बाद किसी खास समय में योग करने की पाबंदी नहीं रखने का निर्णय लिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में भी मुस्लिम समुदाय के लोग अगर रोजा इफ्तार के बाद योग करना चाहते हैं तो वे इसके लिए स्वतंत्र हैं। सुषमा ने कहा कि लोगों को योग दिवस पर स्वेच्छा से जुड़ने की अपील की गई है।
पाकिस्तान उच्चायोग में भी होगा योग
पाकिस्तान में भी उच्चायोग में योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ तमाम विरोधी दलों के नेताओं को भी योग दिवस में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
‘सूर्य नमस्कार’ योगासन विवाद पर सुषमा ने कहा कि ‘कॉमन योगा प्रोटोकॉल’ में यह आसन शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रोटोकॉल में ऐसे आसन हैं जो आसान और सुरक्षित हैं। दरअसल, कई बीमारियों में सूर्य नमस्कार करना वर्जित है। यह 12 आसन का मिश्रण है।