फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस को चित करने के लिए भाजपा का नया दांव

Sun, 01 Sep 2013 10:59 AM IST
हरीश लखेड़ा/नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
मिशन 2014 के लिए भाजपा अब दूसरे दलों के कुनबे में सेंध लगाने जा रही है। पार्टी का दावा है कि कांग्रेस समेत तमाम दलों के कई दिग्गज नेता लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामेंगे। जिताऊ उम्मीदवार तलाश रही भाजपा का यह अभियान अक्टूबर से शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन


महंगाई, भ्रष्टाचार, बदहाल अर्थव्यवस्था से लेकर नेतृत्व की कमी जैसे मुद्दों के साथ कांग्रेस के खिलाफ चुनावी महासमर में जाने की तैयारी में जुटी भाजपा को इस बार जिताऊ उम्मीदवार चाहिए। इसके लिए वह दलबदलुओं पर भी दांव लगाने जा रही है, लेकिन दलबदलुओं को पार्टी में शामिल कर भाजपा एक तीर से दो निशाने साधना चाहती है।

पार्टी का मानना है कि आम जनता में कांग्रेस के खिलाफ पहले से ही माहौल बना है, अब दूसरे दलों खासतौर पर कांग्रेस के दिग्गजों को शामिल करने से देशभर में यह संदेश जाएगा कि सत्तारूढ़ पार्टी की नैया डूबती देख नेता भी भागने लगे हैं।
विज्ञापन


इसके बाद भाजपा देश भर में प्रचारित करेगी कि इमरजेंसी के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव से पहले जिस तरह बाबू जगजीवन राम, चंद्रशेखर, हेमवती नंदन बहुगुणा, मोहन धारिया आदि ने कांग्रेस को अलविदा कहकर जनता पार्टी का दामन थामा था, उसी तरह कांग्रेस को छोड़ उसके नेता अब भाजपा के रथ में सवार होने लगे हैं।

उत्तर प्रदेश व बिहार में सपा, बसपा, जदयू, आरजेडी, एलजेपी आदि दलों से भी ऐसे बड़े नेताओं को लाने की कोशिश हो रही है, जिनसे वहां की जातीय समीकरणों के हिसाब से पार्टी को चुनावी लाभ हो।

हिंदी भाषी राज्यों के साथ ही महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु व पूर्वोत्तर के प्रदेशों के दिग्गजों पर भी भाजपा की नजर है। बाबू सिंह कुशवाहा प्रकरण से सबक लेते हुए भाजपा ने एक स्क्रीनिंग कमेटी भी बनाई है, जो पार्टी में शामिल करने से पहले इनकी पूरी जांच करेगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें