सेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने स्वीकार किया है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गश्त के दौरान भारतीय सैनिकों से संभवत: कोई तकनीकी चूक हुई है। पाकिस्तान को उसकी हरकतों के लिए सोमवार को कड़ी और अंतिम चेतावनी देते हुए जनरल सिंह ने कहा कि गश्त लगाते सात सैनिकों में से सिर्फ दो मारे गए। बाकी सैनिक कहां फंस गए और उन्होंने जवाबी कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी जांच चल रही है। हालांकि सेना अभी जांच के बोझ से सैनिकों के मनोबल को गिरने देना नहीं चाह रही।
सेना प्रमुख ने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिकों से उम्मीद की जाती है कि वह चुस्त और आक्रामक रहें। जनरल के मुताबिक एलओसी पर उनके सैनिकों ने जो भी कदम उठाया वह बहादुरी भरा था और उन्हें उस पर गर्व है। बिक्रम सिंह ने कहा कि यह भी संभव है कि गश्त लगा रहे सैनिकों ने गलत वक्त पर आक्रामक रुख अपनाया होगा और पाकिस्तानी सेना को सिर काटने जैसी बर्बर हरकत करने का मौका मिल गया।
मगर इसका मतलब यह नहीं कि उनका आक्रामक होने का फैसला गलत था। वह एक खास हालात में लिया गया फैसला था। जनरल के मुताबिक सेना की अंदरूनी जांच की अपनी प्रक्रिया होती है। इसमें वक्त लगता है। इस पूरी प्रक्रिया में खास ध्यान रखने की जरूरत है कि सैनिकों के मनोबल पर इसका उल्टा असर नहीं पड़े।