आंखों में आंसू लाने वाले प्याज को इस साल देश से बाहर महज 17-28 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भेजा गया लेकिन अब उसी प्याज को 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लाने की तैयारी की जा रही है।
दूसरी तरफ शुक्रवार को देश की थोक मंडियों में प्याज के दाम 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिरे। प्याज के थोक कारोबारियों के मुताबिक प्याज की कीमतों में गिरावट का रुख शुरू हो गया है और अब इसमें गिरावट होती रहेगी क्योंकि प्याज की आवक मांग के मुकाबले अधिक होती जा रही है।
हाल ही में प्याज की आसमान छूती कीमतों पर काबू के लिए सरकार ने सार्वजनिक कंपनी एमएमटीसी के जरिए 10000 टन प्याज आयात करने का फैसला किया।
आयात किया मंहगा प्याज
एमएमटीसी की तरफ से जारी टेंडर बृहस्पतिवार को खोला गया और फिलहाल 1000 टन
प्याज 685 डॉलर प्रति टन की दर से आयात करने का फैसला किया गया।
एक डॉलर का
मूल्य 65 रुपये मानने पर भी आयातित प्याज की कीमत 44.5 रुपये प्रति
किलोग्राम होगी। इसके अलावा इनकी ढुलाई लागत व अन्य खर्चे को शामिल किया
जाए तो यह कीमत 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक चली जाएगी।
दिलचस्प बात यह है
कि इस साल जून-जुलाई के दौरान 80000-100000 टन प्याज का निर्यात किया गया
और इसकी कीमत 17-28 रुपये प्रति किलोग्राम थी। 26 जून से पहले तक प्याज
निर्यात का न्यूनतम मूल्य मात्र 250 डॉलर प्रति टन था जो कि लगभग 18 रुपये
प्रति किलोग्राम होती है।
इसलिए बढ़ी कीमत!
26 जून से प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य को
बढ़ाकर 425 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया जो लगभग 28 रुपये प्रति
किलोग्राम होता है।
सरकार ने अब प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य को 700
डॉलर प्रति टन कर दिया है, लेकिन थोक कारोबारियों का कहना है कि प्याज का
अधिकतर निर्यात जुलाई तक कर दिया गया।
प्याज के थोक कारोबारियों के मुताबिक
अगले दो-तीन दिनों में प्याज की खुदरा कीमत 50 रुपये किलोग्राम के स्तर पर
आ जाएगी। खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 80 रुपये तक चली गई है। आजादपुर
मंडी में भी प्याज की आवक उठाव के मुकाबले अधिक रही।