बात-बात पर भारत को परमाणु हथियारों की धमकी देने पर अमेरिका ने पाकिस्तान को आगाह किया है। अमेरिका ने कहा कि इस तरह के बयान भारत के साथ तनाव मिटाने में किसी भी तरह की मदद नहीं करेंगे।
एनएसए स्तर की वार्ता टूटने को लेकर भी पाकिस्तान ने इसी तरह की धमकी दी थी। अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान को अपने सभी लंबित और विवादित मुद्दों को बातचीत के जरिए हल करने को कहा।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बे ने कहा, 'अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी पहले ही कह चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे से बातचीत के जरिए मेलजोल बढ़ाएं, ताकि लंबित विवादित मुद्दों को निपटाया जा सके। लेकिन बैठकर बातचीत करने, सहयोग और कुछ सार्थक समाधानों से बातचीत की कोशिश से ही यह संभव हो सकता है।'
सरताज अजीज ने दी थी परमाणु शक्ति होने की धौंस
पाकिस्तान की ओर से खुद को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने की धौंस की बाबत पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, 'हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो। लेकिन परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की अटकलों से तनाव कम होने की बजाय बढ़ेगा और जो बयान दिए गए वह तनाव कम करने में किसी भी प्रकार की मदद नहीं करेंगे।'
उल्लेखनीय है कि एनएसए स्तर की वार्ता रद्द होने के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने कहा था कि पिछले साल सत्ता संभालने के बाद से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को एक क्षेत्रीय ताकत मानने लगे हैं, लेकिन वो भूल जाते हैं कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। मोदी का भारत खुद को क्षेत्रीय सुपरपॉवर के तौर पर प्रदर्शित करता है, लेकिन हम भी परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और हमें पता है कि अपनी रक्षा कैसे करनी है।
अमेरिका ने दी पाकिस्तान को संयम बरतने की सलाह
अमेरिका ने पाकिस्तान और परमाणु हथियार से लैस अन्य सभी मुल्कों से अपनी परमाणु क्षमताओं के विस्तार पर संयम बरतने को कहा है।
अमेरिका की इस सलाह से पहले उसके दो शीर्ष विचार समूहों ने कहा था कि करीब एक दशक में पाकिस्तान के पास दुनिया का परमाणु हथियारों का तीसरा सबसे बड़ा जखीरा हो सकता है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘हम चाहते हैं कि पाकिस्तान सहित दुनिया के सभी परमाणु हथियारों से लैस मुल्क अपनी परमाणु क्षमता के विस्तार में संयम बरते।’