सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष द्वारा खुद को बरी करने को लेकर दायर याचिका पर आदेश सुरक्षित रख दिया है। शाह ने मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए खुद को बरी करने का आवेदन दिया था।
अपनी याचिका में शाह ने कोर्ट में कहा था कि राजनीतिक विरोधियों ने उन्हें बतौर गृहमंत्री निशाना बनाया। जबकि गृहमंत्री के तौर पर पुलिस अधिकारियों से संबंध रखना उनकी ड्यूटी थी। हालांकि सीबीआई ने बरी करने के आवेदन का विरोध किया था और कहा था कि वह शेख और प्रजापति की हत्या की साजिश में शामिल थे।
एजेंसी ने कोर्ट में यह भी तर्क दिया कि इस मामले में मिले सबूत उनके शामिल होने की ओर इशारा करते हैं।