1 अप्रैल। यानी नए कारोबारी साल का पहला दिन। लेकिन इस संजीदगी से दूर यह दिन अगर खास तौर पर जाना जाता है, तो वो है अप्रैल फूल की वजह से। ऐसा रोज, जिस दिन यार-दोस्त, नाते रिश्तेदार एक-दूसरे को बेवकूफ बनाकर बाद में ठहाके लगाते हैं।
लेकिन इन दिनों राजनीति और चुनाव सभी के सिर पर चढ़कर बोल रहे हैं। ऐसे में अप्रैल फूल वाले दिन भी सोशल नेटवर्किंग और सोशल मीडिया पर मजाक में डूबे राजनीति के तीर छोड़े जा रहे हैं।
कोई इसे केजरी दिवस के रूप में मना रहा है, तो कोई पप्पू दिवस के रूप में। कुछ ऐसे हैं, जो 1 अप्रैल को मोदियापा बता रहे हैं। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर मजेदार चीजें ट्रेंड हो रही हैं। पढ़िए ठिठोली करते ये संदेश। सोमवार रात से ही ये तीनों लफ्ज गजब ट्रेंड हो रहे हैं।
केजरी दिवस पर विशेषः यूटर्न का बादशाह!
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में जीत से धमाकेदार शुरुआत की, लेकिन बहुत जल्द ही रास्ता भटक गए। बीते कुछ दिनों में उनकी लोकप्रियता में काफी कमी आई है।
देश की 400 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी आम आदमी पार्टी के नेता को सबसे ज्यादा आलोचना यूटर्न लेने की वजह से सुननी पड़ती है। अप्रैल फूल वाले दिन भी कुछ ऐसा ही है।
कौशल भंडरकर लिखते हैं, "केजरीवाल का पसंदीदा रोड साइन कौन सा है? कंपलसरी यूटर्न और राउंड अबाउट यानी गोल-चक्कर। ऐसा इसलिए, क्योंकि वो हमेशा यूटर्न लेते रहते हैं।"
एक निशाना मतदाताओं पर भी
अप्रैल फूल दिवस पर कुछ लोगों ने तंज मारने के लिए आम जनता को चुना। खास तौर से उन मतदाताओं को, जिन्होंने दिल्ली चुनावों में आम आदमी पार्टी को वोट दिया।
दिग्गी सिंह @diggyleaks ने लिखा, "आज न पप्पू दिवस है और न ही केजरी दिवस। आज उन लोगों का दिन है, जिन्होंने इन दोनों दलों को वोट देकर सत्ता तक पहुंचाया।"
एक जनाब ने केजरीवाल की हाल में मंदिर-मस्जिद में पैदा हुई दिलचस्पी पर निशाना साधा और लिखा, "केजरीवाल ने कुछ साल पहले खुद कहा था कि वो नास्तिक हैं, लेकिन अब यूटर्न लिया और धार्मिक बन गए...क्या यार!"
मोदियापा में भक्त खो देते हैं अपनी समझ!
लेकिन ऐसा नहीं है कि केवल केजरीवाल पर हमले हो रहे हैं। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर भी तीर छोड़े जा रहे हैं और वो भी तंज में भिगोकर। मोदी विरोधी 1 अप्रैल के दिन को मोदियापा बता रहे हैं।
नरेंद्र सिंह @narendra08ph लिखते हैं, "मोदियापा ऐसा डिस्ऑर्डर है, जिसमें भक्त अपनी समझ, अपनी सोच खो देते हैं और भ्रम में पड़ जाते हैं। उन्हें जल्द ही इलाज की जरूरत है।"
प्रफुल्ल कुमार @prafulkr ने भाजपा के चुनाव चिन्ह को आधार बनाकर हमला किया। उन्होंने लिखा, "भाजपा का चुनाव चिन्ह फूल है, है ना? इसलिए हैप्पी अप्रैल फूल डे।"
बाबा रामदेव को भी लपेट डाला
कुछ लोग एक कदम और आगे निकले। एक शख्स ने लिखा है, "रामदेव और मोदी एक-दूसरे को हेडगेवार दिवस पर बधाई दे रहे हैं, ऐसा दिन जिस दिन मोदियापा के पिता का जन्म हुआ था।"
मंजीत सिंह @Manjeetpfc लिखते हैं, "तीनों बहस करें और दो फैसला करें कि कौन सबसे बड़ा मूर्ख है। केजरीवाल के पास चुनौती स्वीकार करने की हिम्मत थी। बाकी बचे दोनों मूर्ख हैं।"
भाजपा और आम आदमी पार्टी के समर्थक एक-दूसरे पर हमले बोलने में पीछे नहीं रहे। केजरी दिवस मनाया गया और मोदियापा का मंत्र भी खूब जपा गया।
पप्पू दिवस पर टीवी पर छोटा भीम
कांग्रेस उपाध्यक्ष और पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे राहुल गांधी पर भी अप्रैल फूल वाले दिन जमकर हमले हो रहे हैं। एक शख्स ने ट्विटर पर लिखा है, "कांग्रेस का घोषणापत्र अपने आप में ऑल टाइम हिट अप्रैल फूल जोक्स हैं।"
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा है, "इस बीच राहुल गांधी ने हर डिश टीवी मालिक को पूरा दिन छोटा भीम प्रसारित करने के लिए कहा है, क्योंकि आज उनका दिन है।"
कुछ ऐसे भी हैं, जो अपने अंदाज में आगामी चुनाव में वोट डालने की अपील कर रहे हैं, लेकिन संभलकर। ऐसे ही एक व्यक्ति ने लिखा है, "उन सभी को आज का दिन मुबारक जो आगामी चुनावों में कांग्रेस को वोट देने की योजना बना रहे हैं।"