चुनावी दौर में ‘अबकी बार मोदी सरकार’ का नारा इस कदर लोकप्रिय हो गया कि सोशल मीडिया पर यह सबसे ज्यादा छाया रहा।
गीतों से लेकर प्यार, मुहब्बत, रोजमर्रा की चीजों से जोड़कर बनाए गए मोदी सरकार के इस नारे का अब सोशल मीडिया पर पोस्टमार्टम होने लगा है।
मनमोहन सरकार के खिलाफ अब तक उपयोग हुए अबकी बार... नारे को मोदी सरकार के खिलाफ पोस्ट किया जा रहा है।
झेलो अब महंगाई की मार..
‘झेलो महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’। ‘लो आ गए, अच्छे दिन।
महंगाई का दूसरा नाम अच्छे दिन हैं। महंगा पेट्रोल, महंगा डीजल, महंगी सब्जियां, महंगी गैस। मोदी सरकार का नारा लोगों के लिए नहीं, बल्कि कुछ खास लोगों के लिए था।
कुछ ऐसे ही तीखे पोस्ट ‘अच्छे दिन’ के नाम पर तानों के बतौर प्रयोग हो रहे हैं।
‘नो उल्लू बनाविंग’
फेसबुक पर एक कंपनी के विज्ञापन ‘नो उल्लू बनाविंग’, अबकी बार..., महंगाई के पर्यायवाची जैसे पोस्ट के जरिए मोदी सरकार की नीतियों पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।
वहीं, भाजपा के आईटी सेल से लेकर मोदी समर्थकों की ओर से पेजों पर महंगाई के कदमों को राष्ट्रहित, देशहित का नाम देकर जवाबी पोस्ट अपलोड किए गए हैं।
इसमें रेल किराया, महंगी सब्जी, महंगा पेट्रोल पर सरकार की मजबूरियों को बयां किया गया है। हालांकि लोगों के बीच महंगाई समर्थक ऐसे पोस्ट ‘लाइक’ नहीं किए जा रहे।