महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सैनिटरी नैपकिंस कितने जरूरी होते हैं। ये बात तो सभी को पता होगी। लेकिन जब भारी बारिश और बाढ़ जैसी आपदा आती है, तो सैनिटरी नैपकिन का ख्याल कहां रहता है।
चेन्नई में हुई बारिश और बाढ़ के दौरान कई लोग इस जरूरत को नहीं भूले और उन्होंने एक मिसाल कायम की है।
आठ लोगों के एक ग्रुप ने जब बाढ़ के दूसरे दिन ही फेसबुक पर मदद मांगी तो इन्हें #chennaimemes और #friendsforchennai नाम के ग्रुपों से जबरदस्त समर्थन मिला।
टीवी पर देखते ही बनाया ग्रुप
पेशे से सॉफ्टवेयर डेवेलपर पीर शादिक को आज भी अपनी पहल के नतीजों पर भरोसा नहीं हो पा रहा।
उन्होंने कहा, "मैंने टीवी पर देखा कि लोग बहुत मुसीबत में हैं और तुरंत फेसबुक पर अपने मित्रों के साथ ग्रुप बना कर जरूरी चीजें जुटानी शुरू कर दीं। इनमें सैनिटरी नैपकिन सबसे ऊपर पर थे। आप यकीन नहीं करेंगे मुझे कितना ज्यादा समर्थन मिला इस पहल पर। महिलाओं ने खासतौर पर इसे जबरदस्त शेयर किया और नतीजा हुआ कि हमारे पास रातों रात साढ़े तीन लाख रुपए जमा हो गए।"
शादिक के साथ इस पहल में जुटे उनके मित्र या तो प्रोफेशनल छात्र हैं या नौकरी करते हैं। प्रदीप इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र हैं और उन्होंने बताया कि सैनिटरी नैपकिन बांटने का फैसला कितना सही रहा।
बांट चुके 10,000 नैपकिन
उन्होंने कहा, "हम दो दिन में दस हजार नैपकिन बाँट चुके हैं और पच्चीस हजार का ऑर्डर मंगलवार को पहुँच रहा है। खुशी की बात ये है कि जिस भी जरूरतमंद महिला को देते हैं वो हमें दुआ ही देती है और इन्हें खुशी से स्वीकार करती है।"
इस सोशल मीडिया ग्रुप के लोगों की मदद के लिए उनके रिश्तेदार, दोस्त, पड़ोसी और ऑफिस वाले भी सामने आए हैं।
इस बीच, तमिलनाडु सरकार ने भी एक स्कीम शुरू की है जिसके तहत करीब दस लाख बाढ़-पीड़ित महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन मुहैया कराए जाएंगे।
सरकार के अनुसार चेन्नई में ही करीब 199 राहत शिविरों में रह रहीं महिलाओं को ये नैपकिन निशुल्क दिए जाएंगे।