जर्मन राजदूत माइकल स्टेनर ने इस शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर एक सत्संग का आयोजन रखा है। दिलचस्प बात यह है कि स्टेनर ने अपने इस सत्संग में भारत की मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी को भी न्यौता भेजा है।
ऐसा माना जा रहा है कि यह आयोजन इसी भाषायी मुद्दे की उपज है। हालांकि आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के सानिध्य में इस सत्संग का आयोजन कराने वाले स्टेनर ने कहा है कि इस सत्संग के आयोजन का हालिया भाषायी विवाद से लेना देना नहीं है।
जर्मन राजदूत ने कहा है कि मैने और मेरी पत्नी ने मौजूदा भारत-सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही इसके लिए फैसला किया था। उन्होंने बताया कि हमने इस बारे में श्री श्री रवि शंकर को चिट्ठी लिखी थी और उन्होंने हमारे निवेदन को सहर्ष स्वीकार किया था। स्टेनर ने कहा कि इस सत्संग में काफी सारे लोगों को निमंत्रण भेजा गया है जिसमे से कुछ राजनेता और कुछ अन्य लोग भी हैं।
स्टेनर ने बताया कि श्री श्री रविशंकर, किस तरह से अलग-अलग धर्मों के लोगों को एक साथ लाया जा सकता है और किस तरह से यूरोप और इंडिया के बीच की आपसी समझ को और विकसित किया जा सकता है, इन मुद्दों पर प्रवचन देंगे।