पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छह स्लीपिंग मॉड्यूल्स बताए जा रहे हैं। इनका कहीं न कहीं आतंकी सलीम पतला से भी लिंक रहा है। सूत्रों के मुताबिक करीब 21 साल तक खुद मॉड्यूल बनकर रह चुके पतला से हुई पूछताछ में इनके नाम सामने आ चुके हैं।
जांच एजेंसियां इस ऑपरेशन को लोकल पुलिस से शेयर न कर खुद ही गिरफ्तारी की कोशिशों में लगी हैं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही इनके मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लिए गए हैं।
लिसाड़ी गेट क्षेत्र के गोला कुआं निवासी सलीम पतला का नाम 26 जनवरी 1992 को नौचंदी मैदान स्थित पीएसी कैंप पर बम से हमला करने में सामने आया था। इसके बाद वह 1993 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पशु चिकित्सालय के सामने पीएसी कैंप पर बम फेंकने के मामले में आरोपी बना। पीएसी की ये दोनों पिकेट्स उस समय सांप्रदायिक दंगों के चलते तैनात की गईं थीं। इसके बाद से करीब 21 साल तक लापता रहे सलीम पतला की गिरफ्तारी एटीएस ने 30 अक्टूबर को खतौली से की थी। पतला इस समय मुजफ्फरनगर जेल में है।