साल 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार की याचिका पर 15 मई तक सुनवाई टाल दी है। सज्जन कुमार ने केस खत्म करने की अर्जी दी थी। सज्जन 1884 के सिख दंगों के आरोपी हैं।
इस मामले में पिछले साल दिसंबर में ही सुनवाई पूरी कर ली गई थी। इस मामले में सज्जन कुमार के साथ वेद प्रकाश प्याल उर्फ वेदू प्रधान और ब्रह्मानंद गुप्ता भी अभियुक्त हैं और उन्होंने भी अभियोग निर्धारण के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
याचिकाकर्ता शीला कौर ने इसी मामले में सज्जन कुमार समेत चार अन्य अभियुक्तों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप लगाने के लिए भी उच्च न्यायालय में अपील दायर कर रखी है।
दिल्ली में सिख विरोधी दंगों के दौरान सुल्तानपुरी इलाके में छह व्यक्तियों की हत्या के सिलसिले में जुलाई, 2010 में निचली अदालत ने सज्जन कुमार, ब्रहमानंद गुप्ता, पेरू, खुशाल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ अभियोग निर्धारित किये थे।
इनके खिलाफ हत्या और दंगा करने के साथ ही दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने के आरोप में भी अभियोग निर्धारित किया गया था। सीबीआई ने सज्जन कुमार और दूसरे आरोपियों के खिलाफ दो आरोप पत्र दाखिल किये थे। नानावती आयोग ने दंगे की घटनाओं की जांच की थी।