भाजपा ने 1984 के सिख दंगों को कांग्रेस प्रायोजित एकतरफा नरसंहार करार दिया है।
भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि 1984 के सिख दंगे कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रायोजित एकतरफा नरसंहार थे, जिनमें शियाना ढंग से 2700 लोगों की बलि दी गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं ने सिखों के घरों की पहचान के लिए अपने कार्यकर्ताओं को वोटर लिस्ट दी। सिखों के घरों पर एस का निशान लगाया गया।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस समय के बयान (बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है) ने आग में घी का काम किया।
बच्चों-वृद्घ और महिलाओं को सोची समझी रणनीति के तहत जिंदा जलाया गया। इनके गले में जलते हुए टायर डाल दिए गए।
सब जगह प्रशासन को पंगु बना दिया गया और स्थिति पर काबू पाने के लिए तीन से चार दिन के बाद सेना की मदद ली गई।
उन्होंने कहा कि टाइटलर कांग्रेस कार्यकारी समिति में स्थाई आमंत्रित सदस्य हैं और पार्टी की वेबसाइट का स्वतंत्र प्रभार भी उनके पास हैं।
अपने अहम नेताओं को बचाने के लिए कांग्रेस ने अपने सभी घोडे़ दौडाए और उन्हें इतने वर्षों तक बचाए रखा।
लेकिन अब अदालत के आदेश से कांग्रेस की रणनीति विफल हो गई और सीबीआई के दुरुपयोग का खुला चिट्ठा भी लोगों के सामने आ गया है।