उत्तर प्रदेश के सांसद जगदंबिका पाल जब पहली बार पीठासीन अधिकारी लोकसभा के आसन पर बैठे, तो लगातार आठ मिनट तक बोलते ही रहे।
यही नहीं उन्होंने बतौर सभापति खुद की ‘मेडन स्पीच’ का हवाला देकर सदस्यों को शांत करने की नाकाम कोशिश भी की।
सदन स्थगित करने के बाद तत्काल बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर बधाई हासिल की। फिर अलग-अलग सीटों पर जा कर सदन चलाने का पहली बार मौका मिलने पर बधाई मांगी।
इस दौरान उन्होंने भाजपा सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी के पांव भी छूए। बधाई के क्रम में किसी ने उन्हें ‘रीयल स्पीकर’ करार दिया तो किसी ने चुटकी लेते हुए कहा कि आपको तो प्रधानमंत्री होना चाहिए। सदस्यों की चुटकी और बधाइयों को पाल मंद मंद मुस्कुराते हुए स्वीकार करते रहे।
गिरिजा व्यास के मंत्री बन जाने के बाद जगदंबिका पाल को इसी सत्र में सभापति के पैनल में शामिल किया गया है।
मंगलवार को उन्हें पहली बार सदन चलाने का मौका हाथ लगा। ठीक 12 बजे पाल ने आसन पर आते ही कोलगेट सहित कई मामलों पर हंगामा कर रहे सांसदों को बतौर सभापति अपनी ‘मेडन स्पीच’ का हवाला देते हुए शांत रहने की अपील की।
हालांकि सदस्यों ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया और लगातार आठ मिनट तक बोलने के बाद पाल को आखिरकार सदन की कार्यवाही एक बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
आसन से उतरते ही पाल सबसे पहले सोनिया गांधी के पास पहुंचे और बधाई स्वीकार की। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग सीट की ओर रुख किया और लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, शरद यादव, रेवती रमन सिंह, दारा सिंह चौहान के पास जा कर बधाई स्वीकार की।
हालांकि भाजपा के योगी आदित्य नाथ ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस आपके साथ अन्याय कर रही है, आपको तो प्रधानमंत्री होना चाहिए था।