असहिष्णुता पर पूरे देश में छिड़ी जोरदार बहस में कांग्रेस प्रवक्ता विवेक बंसल ने भाजपा की शीर्ष नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा है कि वर्ष 2004 में कांग्रेस नेतृत्व में जब यूपीए सरकार बन रही थी, तो यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए सुषमा स्वराज ने अपना सिर मुंडवा कर आमरण अनशन पर बैठने की धमकी दी थी।
सही मायने में देश में पहली बार असहिष्णुता की शुरुआत वहीं से हुई। सुषमा स्वराज का वह बयान भाजपा की विचारधारा और आरएसएस की उस धारणा बखूबी बयां करता है, जिसमें ये सिखाया जाता है कि जो हमारी विचारधारा को स्वीकार नही करेगा, हम उसके विरुद्ध इसी प्रकार का असहिष्णु व्यवहार करेंगे।