मानसून ने प्रदेश में तय समय पर दस्तक दे दी है। अपनी अनुमानित सामान्य रफ्तार से चल रहे मानसून ने शनिवार सुबह पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में लोगों को तर-बतर किया।
मानसून उत्तराखंड और
राजस्थान के कुछ इलाकों तक पहुंच चुका है।
मौसम विभाग का मानना है
कि अगर यही रफ्तार रही तो अगले पांच दिन के भीतर मानसून दिल्ली-एनसीआर में
भी पहुंच जाएगा।
फिलहाल उसकी रफ्तार ठीक है और वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के
बनारस और बहराइच में भी दस्तक दे चुका है।
अनुमान है कि तय समय से पहले प्रदेश में पहुंचे मानसून ने दिन भर पूर्वी उप्र समेत मैदानी इलाकों में मौसम खुशनुमा रखा। हवा के तेज झोंको के साथ गरज-चमक के साथ हुई बारिश में लोग खूब भीगे।
पिछले साल उप्र में मानसून ने 21-22 जून को आमद दर्ज कराई थी लेकिन, उसे राजधानी पहुंचते-पहुंचते पांच जुलाई का समय लग गया था।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक फिलहाल मानसून सामान्य रफ्तार से चल रहा है और अगले 72 घंटों में राजधानी भी मानसूनी बौछारों में तर बतर हो सकती है।
प्रदेश में मानसून पहुंचने के चलते शनिवार को दिन भर कई इलाकों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं। सूबे में मुरादाबाद में सबसे ज्यादा 16.7 मिमी. बारिश रिकार्ड हुई। इलाहाबाद में 15 मिमी. बरसात दर्ज की गई।
इसके अलावा बांदा में 13.8 मिमी., सुल्तानपुर में 9.8, फुर्सतगंज में 6.3, झांसी में 1.2, गाजीपुर में 8.0 मिमी., बलिया 3.1, कानपुर में 4.4, उरई में 5 मिमी. रिकार्ड हुई। इसके अलावा गोरखपुर, वाराणसी, बहराइच समेत मैदानी इलाकों में भी बारिश हुई।
राजधानी में दिन भर बदली छाए रहने से मौसम खुशनुमा बना रहा। यहां 4.2 मिमी. बरसात रिकार्ड हुई। यहां का अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम 33.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बारिश के साथ प्रदेश भर में बादल बदली छाये रहने के चलते अधिकतम पारा भी सामान्य से 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का।
दिन भर प्रदेश में 18 से 25 किमी. रफ्तार से हवा के झोंको ने मौसम सुहाना बनाये रखा। शाम से बादलों ने धूप से लुकाछिपी खेली।