नरेंद्र मोदी को लेकर भाजपा में जारी आपसी खींचतान मंगलवार को एक बार फिर सामने आई। पार्टी के वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ऐसा लगता है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है, जो अफसोस का विषय है।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की ओर से मोदी को सबसे लोकप्रिय नेता बताने पर शॉटगन से पूछा गया था कि गुजरात के मुख्यमंत्री को लगभग पीएम पद का दावेदार तय करने का मतलब क्या है।
सिन्हा ने इसके जवाब में कहा, 'लगभग का मतलब यह है कि चाय की प्याली और होंठ के बीच फासला बाकी है। यह मैं भी मानता हूं कि मोदी लोकप्रिय हैं, सक्षम हैं और सफल हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद के दावेदार पर फैसला पार्टी के संसदीय बोर्ड को करना है।'
उन्होंने कहा, 'पार्टी के सांसद, बड़े-बुजुर्ग मिलकर नाम तय करेंगे। आडवाणी सबसे बड़े, सबसे अहम, सबसे कद्दावर, सबसे परिपक्व, सबसे काबिल हैं। उनका योगदान कितना बड़ा है, हम सभी जानते हैं।'
सिन्हा ने कहा, 'ऐसा दिखाई देता है जैसे यशवंत सिन्हा, सुषमा स्वराज, जसवंत सिंह, मुरली मनोहर जोशी और अरुण जेटली को दरकिनार किया जा रहा है। मैं शिकायत नहीं कर रहा। लेकिन इस पर अफसोस जरूर होता है।'
नई टीम में जगह न मिलने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, 'मेरे पास पद नहीं, कद है। मेरी कोई लालसा नहीं है पद की। न मैं अपने लिए कुछ मांगूंगा।'
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या वे प्रधानमंत्री पद के काबिल नहीं हैं।?