यौन शोषण के आरोपों की जांच के सिलसिले में जब गोवा पुलिस की टीम दिल्ली स्थित तहलका के दफ्तर पहुंची, तो उसकी कार्रवाई उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
टीओआई की खबर के मुताबिक जब पुलिस वहां पहुंची, तो तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी जैसे बौखला गई थीं।
पुलिस को वहां मौजूद कुछ चीजें जब्त करनी थीं, लेकिन शोमा ने उनके लिए कई दिक्कतें पैदा की, जिसके कारण जांच दल को तड़के दो बजे तक ऑफिस में ही रहना पड़ा।
डिप्टी एसपी सैमी तवारेस और जांच अधिकारी सुनीता सावंत समेत तीन सदस्यीय जांच दल शाम पौने पांच बजे दफ्तर पहुंचा था। टीम के पास रिकॉर्डिंग डिवाइस और लैपटॉप थे। शोमा चौधरी पुलिसकर्मियों के पहुंचने से पहले वहां मौजूद थीं।
शोमा से पुलिस टीम ने पहले इस घटना के बाद हुई तमाम चीजों के बारे में पूछा और लैपटॉप पर बयान लिखने को कहा।
सूत्रों के मुताबिक शोमा जांच टीम पर चिल्लाईं और जब वह तेजपाल का कंप्यूटर ले जाने लगे, तो उन्हें रोकने की कोशिश की। यहां तक कि शोमा ने कुछ बड़े नेताओं के नाम लिए और कॉल करने की धमकी दी।
हालांकि, पुलिस टीम ने साफ कर दिया कि अगर वह जांच में सहयोग नहीं देंगी, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर वह कुछ काबू आईं। अगले रोज पुलिस टीम ने उन तीन लोगों से पूछताछ की, जिन्हें पीड़िता ने सबसे पहले इस घटना के बारे में बताया था।