कुछ सालों से मानसून के मिजाज में बदलाव दिख रहा है। पहले बारिश के दिनों में लगातार लगी रहने वाली पानी की झड़ी अब कहीं गायब सी हो गई है। बादल आते हैं, बरसते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।
एक अध्ययन की मानें तो यह बदलाव एकाएक नहीं बल्कि पिछले 60 सालों में आया है। धीमी बारिश (स्लो पल्स) की तीव्रता यानी लगातार होने वाली बरसात 6 दशकों में कम हो गई है। कम समय तक होने वाली तेज बारिश (इक्स्ट्रीम इवेंट्स) ने इसकी जगह ले ली है।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस (आईआईएससी) द्वारा किए गए अध्ययन में मौसम के इस बदलाव के बारे में पता चला है। मुख्य अध्ययनकर्ता निरुपम करमारकर ने बताया कि परिणाम के लिए 1961 से लेकर 2013 तक के डाटा का अध्ययन किया गया है।