महराष्ट्र सरकार की आलोचना करने पर शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए शोभा डे पर निशाना साधा है। शोभा के विवादित ट्वीट के अगले ही दिन गुरुवार को सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है एक ऐसी मराठी महिला जो इस मराठी धरती में पैदा हुई है और उसके मुख से ऐसी बातें निकलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सामना ने शोभा पर तीखा हमला करते हुए लिखा है आप सरकार के फैसले को दादागिरी बता रहीं हैं। हम आपको बताते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अगर अपने समय में दादागिरी नहीं की होती, बाला साहेब ठाकरे ने दादागिरी नहीं की हाती तो उनके दादा और उनके बच्चों को पाकिस्तान में पैदा होना पड़ता।
इतना ही नहीं शोभा डे को पेज-3 टाइप की पार्टियों में बुर्का पहनकर जाना पड़ता। शोभा डे ने जो बयान दिया है वह मराठी संस्कृति का अपमान है। मराठी लोगों का अपमान है। यहां तक की हमारी सभ्यता का अपमान है।
मुश्किल में शोभा डे
इससे पहले सिनेमा घरों और रंगमंचों में प्राइम टाइम में मराठी फिल्में दिखाए जाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार के फैसले का विरोध करने पर चर्चित उपन्यासकार शोभा डे के खिलाफ शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने उनके खिलाफ विधानसभा में नोटिस दिया है।
प्रताप सरनाइक ने नोटिस में कहा है कि शोभा डे ने सरकारके फैसले का अपमान किया है। बुधवार को शोभा डे ने ट्वीट कर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस को तानाशाह बताया था।
शोभा डे ने अपने ट्वीट में कहा कि देवेंद्र डिकटैटवाला, फिर फणनवीस का वही फैसला, बीफ बैन के बाद अब फिल्मों पर बैन। यह महाराष्ट्र की भावना नहीं है हम सब महाराष्ट्र को प्यार करते हैं। नाको! नाको! ये सब रोको।
सरकार के फैसले को डे ने बताया 'दादागिरी'
शोभा डे ट्वीट कर सरकार के फैसले को दादागिरी बताया। डे ने कहा, 'मुझे मराठी फिल्मों से प्यार है लेकिन यह निर्णय लेने का अधिकार कि मुझे कौन सी फिल्म देखनी चाहिए मेरे पास होना चाहिए। यह सब कुछ नहीं है लेकिन दादागिरी है।'
शोभा डे के इस ट्वीट को मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस का अपमान बताते हुए शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने कहा है कि डे ने मराठी लोगों की भावनाओं का अपमान किया है। विधायक सरनाइक ने नोटिस के जरिए मांग की शोभा डे अपने ट्वीट पर माफी मांगे नहीं तो सदन के उनके खिलाफ अपमान करने का प्रस्ताव पारित करेगा।
सरनाइक के इस नोटिस पर पर शोभा डे ने फिर ट्वीट करते हुए कहा है कि क्या अब उनके खिलाफ अपमान के लिए प्रस्ताव पारित किया जाएगा? उन्होंने कहा कि वह उन्हें मराठी होने पर गर्व है और उन्हें मराठी फिल्मों से हमेशा प्यार रहा है, है और रहेगा।